इतिहास कुछ नहीं है, संघर्ष की कहानी
गाँधी, शिवा, भगत सिंह और झाँसी वाली रानी
कोई भी कायरो का इतिहास क्यों पढ़ेगा।
संग्राम ......................................
आओ लड़ें स्वयं के कलुषों से कल्मषों से,
भोगों से वासना से रोगो के राक्षसों से,
कुंदन वाही बनेगा जो आग में तपेगा।
संग्राम ......................................
घेरा समाज को है, कुंठा कुरीतियों ने,
व्यसनों ने रुढियो ने निर्मम अनीतियो ने,
इनकी चुनौतियों से, है कौन जो लडेगा।
संग्राम ......................................
चिंतन चरित्र में अब विकृति बढ़ी हुई है,
चाहूँ ओर कौरवो की सेना खाड़ी हुई है।
क्या पार्थ इन छड़ों भी व्योमोह में फंसेगा। ,
संग्राम ......................................

मशालें ले कर चलना कि जब तक रात वांकी है,
सभल कर हर कदम रखना कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
मिले मंसूर को सूली, जहर सुकरात के हिस्से,
रहेगा जुर्म सच कहना, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
पसीने की तो तुम छोड़ो, लहू मजदुर का यारों,
कि सस्ता पानी सा बहेगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
तेर मस्तक पे होगा हर पल विद्रोह का निशा,
नहीं ये जोश कम होगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
अंधेरों की अदालत में, है क्या फरियाद का फायदा,
तू कर संग्राम ये साथी, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................

Friday, January 4, 2013

आरएसएस के निशाने पर .................





RSS का असली चेहरा संघ प्रमुख मोहन भागवत जी की जुवानी  " बलात्कार इंडिया में होते है भारत में नहीं " क्या संघ प्रमुख और उनके समर्थक बताने का कष्ट करेगें " भांवरी देवी इंडियन थी या भारतीय ?" उसके लिए आरएसएस ने क्या किया ?

मै यह खोजने का प्रयास कर रहा था कि RSS जैसे संगठन ने इस असंगठित जन आन्दोलन में भाग क्यों नहीं लिया?  जबकि छात्रायें पुलिस द्वारा सड़को पर पीटी जाती रही, यह किन माँ बहनों की रक्षा के लिए लाठी की ट्रेनिंग देते हैं? मोहन भगवत के इस व्यान के बाद मै यह दावे के साथ कह सकता हूँ ओवेसी और आरएसएस में कोई अंतर नहीं है यह लोग केवल नफरत वांट सकते हैं मोहब्बत नहीं.

एक बार फेसबुक पर मैंने प्रश्न छोड़ा था आरएसएस  ने देश को क्या दिया ?
इस प्रश्न के उत्तर में जवाव आया आरएसएस ज्वाइन करलो खुद पता चल जायेगा।
दूसरा उत्तर आया तुमने देश को क्या दिया ?
तीसरा कोई उत्तर नहीं आया।

इसके बाद क्या समझा जाये?

या तो आरएसएस ने देश को कुछ नहीं दिया या जो दिया है, वो बताये जाने योग्य नहीं है.

जितना मैंने जाना है वो है उसके अनुसार आरएसएस ने जो देश को दिया है वह है :-
         राष्ट्रीय स्तर पर ......
१. हिन्दू मुस्लिमो के बीच नफरत
२. जाति प्रथा को बनाये रखने के सूत्र
३. बाबरी मस्जिद का ध्वस्तीकरण
४. हिन्दू मुस्लिम दंगा
५  गुजरात दंगा
६ आने वाले समय में हिन्दू शूद्र दंगा देगी
७ और कुछ दिया हो तो आरएसएस स्वम् वता दे।
        अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर .............
1. हिन्दू मुस्लिम दंगा ........
2. धार्मिक उन्माद

शूद्रो को यह भली भांति समझ लेना चाहिए मुस्लिमो के बाद आरएसएस का अगला निशाना शूद्र ही हैं, इसलिए सभी हिन्दू मुस्लिम दंगो में शुद्रो को ही आगे रखा जाता है, शूद्र राजपूत काल को याद कर लें, ब्राह्मणों ने अपनी रक्षा के लिए विदेशी आक्रंताओ का उपनैन संस्कार करके क्षदम क्षत्रीय बनाया जिन्हें राजपूत कहा जाता है,  और इसके बाद (जो आज के शूद्र हैं कभी यह क्षत्रीय थे ) शूद्रो पर घोर अत्याचार किया, जब  कृष्ण क्षत्रीय हैं तो यादव शूद्र कैसे हो गये? कार्य की प्रधानता का आधार था तो बडौदा के महाराज शूद्र कैसे हो गये? जो कुर्मी समाज से थे।   आरएसएस के लोग  बताये।
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