इतिहास कुछ नहीं है, संघर्ष की कहानी
गाँधी, शिवा, भगत सिंह और झाँसी वाली रानी
कोई भी कायरो का इतिहास क्यों पढ़ेगा।
संग्राम ......................................
आओ लड़ें स्वयं के कलुषों से कल्मषों से,
भोगों से वासना से रोगो के राक्षसों से,
कुंदन वाही बनेगा जो आग में तपेगा।
संग्राम ......................................
घेरा समाज को है, कुंठा कुरीतियों ने,
व्यसनों ने रुढियो ने निर्मम अनीतियो ने,
इनकी चुनौतियों से, है कौन जो लडेगा।
संग्राम ......................................
चिंतन चरित्र में अब विकृति बढ़ी हुई है,
चाहूँ ओर कौरवो की सेना खाड़ी हुई है।
क्या पार्थ इन छड़ों भी व्योमोह में फंसेगा। ,
संग्राम ......................................

मशालें ले कर चलना कि जब तक रात वांकी है,
सभल कर हर कदम रखना कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
मिले मंसूर को सूली, जहर सुकरात के हिस्से,
रहेगा जुर्म सच कहना, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
पसीने की तो तुम छोड़ो, लहू मजदुर का यारों,
कि सस्ता पानी सा बहेगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
तेर मस्तक पे होगा हर पल विद्रोह का निशा,
नहीं ये जोश कम होगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
अंधेरों की अदालत में, है क्या फरियाद का फायदा,
तू कर संग्राम ये साथी, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................

Sunday, November 18, 2012

छी-छी.....क्या लिखा अपने ........?

आदरणीय डा0 रेवा नंदन द्विवेदी जी उर्फ़ मामा जी,

छी-छी.....क्या लिखा अपने .......................? .(Reva Nandan Dwivedi Sale ji mujhey Aapse kuchh isi tarah ke ans ki ummid thi mai agyaniyo se age sawal nahi puchunga)
     
    कह दो कि हम ब्राह्मण कुल में पैदा होने के वाद भी तुम्हारे एक प्रश्न का भी उत्तर देने में सक्षम नहीं हैं,  तो अज्ञानी आप हो या हम ?

         मेरे सामने पाखंड नहीं चल सकता द्विवेदी जी इसलिए पाखंड से आपको बहार
निकालना जरुरी है। किसी को कुछ दो तो उसका पात्र खली होना चाहिए आप घमंड से इतना अधिक भरे हुए हो की मेरे उत्तर को सभालने की सामर्थ नहीं है आपमें, इसलिए पहले अपना पात्र खली करके आओ, आपके छः प्रश्नों का उत्तर मैं आने ब्लॉग अनर्यो की खोज में शीघ्र ही दूगाँ पर वो आपके लिए नहीं होगें क्योकि भरे हुए पात्र में कुछ भी डालने की मैं मुर्खता नहीं करता।

           आपके इस उत्तर से एक बात
स्पष्ट हो गयी कि ब्राह्मण होने के बाद भी आपको रिस्तो का बोध नहीं है, हिन्दू में होने वाले दो प्रकार के विवाह "अनुलोम विवाह" और "प्रतिलोम विवाह" और उनसे उत्पन संताने ही जड़ वर्ण व्यवस्था का आधार है हिन्दू व्यवस्था के जानकार अपने खानदानियो से पूछ लेना की आप मेरे मामा हो की नहीं? क्योकि जब मैं समझाऊंगा तो आपके पैर से जमीन खिसक जाएगी आप के दिमाग में जो फितूर भरा हुआ है जब तक वो नहीं निकल जाता कोई भी उत्तर देना वेकार है  इसीलिए मैं पहले ही कह चूका हूँ  वात वहुत छोटी सी है पर समझना वहुत कठिन है { .......आपके इन सरल से प्रश्नों का उत्तर भी बहुत सरल है, किन्तु इसे समझना बहुत कठिन है। ......... क्या सभी अनार्यो को आतातायी शासक राम ने मर डाला था ? शेष अनार्य (द्रविण /राक्षस) कहा गये ? }

जो मित्र मुझसे असहमत हैं k.mittra@rediffmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं अथवा 09335122064 पर संपर्क करें। ब्लोग्स में टिपण्णी कर सकते "अनार्यो की खोज "(http://anaryokikhoj.blogspot.in/2012/11/0-1.html ) "आगे की यात्रा" (http://aagekiyatra.blogspot.in) आचार्य रजनीश एक नवीन विचारधारा (http://aacharyrajneesh.blogspot.in/2012/11/blog-post_12.html) हैं।

Saturday, November 17, 2012

संकाओ का समाधान

आदरणीय डा0 रेवा नंदन द्विवेदी जी उर्फ़ मामा जी,

आपने हमसे चार प्रश्न एक सुझाव और एक टिपण्णी भेजी है जो निम्नवत है।
{
1.
Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "मित्रा जी , बताइए शुद्र कौन है ,?"
2. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "क्षत्रिय कौन है ?"

3. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "वैश्य कौन है ?"
4. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "ब्राहमण कौन है ?"

5. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "विषय बड़े गंभीर है अतः उत्तर भी समझ कर दीजियेगा"

6. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "mitra ji , maine placement company to nahi kbhol rakhi hai , is samay pura world mandi me gujar raha hai ,jo yogy hai usko job jarur mil rahi hai"
}

मैं आपकी सभी संकाओ का समाधान करूँगा, आपके इन सरल से प्रश्नों का उत्तर भी बहुत सरल है, किन्तु इसे समझना बहुत कठिन है। ठीक उस परमात्मा की तरह इसे भी समझना काफी विवादित है। वर्ण व्यवस्था को समझने की भी दो पद्दतियाँ है, आपको किस पद्दति से समझाऊ इसको समझने के लिए मुझे आपसे एक प्रश्न का उत्तर पाना अति आवश्यक है जितनी जल्दी आप मेरे इस प्रश्न का उत्तर दें देगें उतनी ही जल्दी मैं आपकी संकाओ का समाधान कर सकूँगा। प्रश्न है :-

क्या सभी अनार्यो को आतातायी शासक राम ने मर डाला था ? शेष अनार्य (द्रविण /राक्षस) कहा गये ?

जो मित्र मुझसे असहमत हैं k.mittra@rediffmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं अथवा 09335122064 पर संपर्क करें।  ब्लोग्स में टिपण्णी कर सकते  "अनार्यो की खोज "(http://anaryokikhoj.blogspot.in/2012/11/0-1.html ) "आगे की यात्रा" (http://aagekiyatra.blogspot.in)  आचार्य रजनीश एक नवीन विचारधारा   (http://aacharyrajneesh.blogspot.in/2012/11/blog-post_12.html) हैं।   

Tuesday, November 13, 2012

राम जेठमलानी

ram jethmalani
राम जेठमलानी के वक्तव्य पर उग्र हुआ हिन्दू समाज ने यह सिद्ध कर दिया है कि हिन्दू दो भागो में विभक्त है। आततायी राम समर्थक या उसके वंसज दूसरे राम विरोधी अनार्य लोग। जिस प्रकार हिन्दुस्तानी कह देने से जाति धर्म और वर्ग विभाजन नहीं मिटता उसी प्रकार हिन्दू कह देने से आर्य और अनार्य के वीच अनादि कल से चला आ रहा शीत युद्ध समाप्त नहीं होता। ब्राह्मण व्यवस्था के अंतर्गत जिन लोगो के नाम के साथ राम लागा है वह सव शुद्र है। शुद्र कभी भी तथाकथित हिन्दू नही रहे है। और न कभी उनको हिन्दू समझा गया है। 

Monday, November 12, 2012

Ram charitr ke dosho par lep


आजकल कुछ पड़े लिखे गवार भगवान श्री राम जी पर प्रश्न उठा रहे है तथा उनके चरित्र पर लांछन लगाने की भी कौशिश कर रहे है ..इसीलिए मैं ये विडियो शेयर कर रहा हूँ .. मित्रों आप भी जादा से जादा इस विडियो को शेयर करिए ...... जय श्री राम
http://www.youtube.com/watch?v=qUl_PRhLnA0 

http://www.facebook.com/groups/rss.in/297918600309573/?notif_t=group_activity
 Rajeev bhai

Kunal ji bhari shavdo ka istemal karne se anyay ko nyay nahi bnaya ja saktahai. tumare bap ke dosh tumko na dikhai de to yah tumari akho ka dosh hai ( Lobh aur pitratv ka) jo tumare liye adarsh ho sakte hai vo sare samaj ke liye ho yah abshyak nahi. kurupta sundarta ki chadar kitnider bhi odh le, vah sundarta ko dharn nahi kar sakti. Ram ke charitr ka dosh, aur Ramraj ke dosh, tum lakh koshish karlo mita na sakoge. Ram ek aatatayi shask tha.yah har buddhjivi kahega, swarthi andhe logo ko yah nahi dikhai de sakta hai.( rahgai Rajeev bhai ke darshn ki bat to bah tum jaise agyaniyo ko kai pidiyo tak samjh nahi ayega)

Rajeev bhai ki aad me Hinduatv ki roti sekne ki kosisi mat karo jal jaoge, vah Ram ke dharm ki vat nahi kar rahe hai, vah Rashtr Dharm ki vat kar rahe hai, Ram ke charitr ko Aadarsh Raja ki udan tak ve le gaye hai, Taki kendra me baithi andhi aur bahri madhosh sarkar ko suna sake.( Brahman vyavshtha ka sabse vada dosh yah raha hai usne keval shavdo ko pakda hai bhav aur kal ka use kabhi vadh na rahah hai.)

Thursday, November 1, 2012

हिन्दू आतंक : रसूल लीला :इस्लामी कामसूत्र !!

http://www.facebook.com/ISLAMMUKTBHARAT
http://www.facebook.com/pages/Islaam-ka-pura-sach/417654274962282 

सच्चायी आप ही खोजे, उपरोक्त लिंक क्लीक करें।   
Posted by कुरान और इस्लाम की असलियत on मार्च 27, 2012



कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि मुस्लिम ब्लोगर जब कोई तर्कपूर्ण समुचित जवाब देने में असफल हो गए हैं ,तो बेनाम के भेस में अश्लील कमेन्ट करने लगे हैं .और इस्लाम का असली घिनावना रूप दिखा रहे है .इस से मुझे कोई ताज्जुब नहीं हो रहा है .असल में यह लोग मुहम्मद की सुन्नत का पालन कर रहे .मुहम्मद जैसा था ,और जैसी उसकी शिक्षा थी वही गन्दगी मुसलमानों के दिमागों में भरी हुई …थी .यद्यपि मैंने यह लेख काफ
 ी पहले तय्यार कर लिया था .लेकिन इन बेनामी मुस्लिम ब्लोगरों ने इसे प्रकाशित करने का अवसर दे दिया .

यह बात तो सर्वविदित है कि मुहम्मद एक अय्याश व्यक्ति था .लेकिन वह सेक्स गुरु भी था .वह मुसलमानों को सेक्स के नये नए तरीके सिखाता रहता था .ताकि मुसलमान उसका अनुकरण करके वैसा ही करें .क्योंकि जिहादियों को क्रूर होने के साथ साथ अय्याश होना भी जरुरी है .अगर इस दुनिया में अय्याशी नहीं करेंगे तो ,मर कर जन्नत में अय्याशी कैसे करेंगे .यही इस्लाम का आधार और मुसलमानों का एकमात्र लक्ष्य है .

यद्यपि मुहम्मद ने सेक्स के बारे में कोई अलग से किताब नहीं लिखी है ,परन्तु उसने जो भी आय्याशियाँ कि हैं ,वे सब हदीसों में मौजूद हैं .उन से छांट कर यह इस्लामी कामसूत्र الكِتاب الجِنس الاسلاميه प्रस्तुत किया जा रहा है .इसमे प्रारम्भ से अंत तक इस्लामी सेक्स की जानकारी है .यह ज्ञान मुस्लिम महिलाओं के लिए अवश्य उपयोगी होगा . ” فقط للنساء المسلمات “केवल मुस्लिम महिलाओं के लिए ! 1 -सेक्स की तय्यारी कैसे करें “औरतें अपने जिहादी पतियों के घर में आने से पहिले अपने निचे के बाल(Pubic Hair )साफ़ करके रखें “.बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 173 “मुस्लिम औरतें अपनी योनी और बगल के बाल साफ करके तय्यार रहें “बुखारी -जिल्द 7 किताब 72 हदीस 177 2 -सेक्स के लिए सदा तय्यार रहें “यदि कोई औरत घर के काम में व्यस्त हो ,और उसका जिहादी पति उसे सेक्स के लिए बुलाये तो ,

औरत को चाहिए कि सब काम छोड़कर तुरंत ही वहीँ पर सम्भोग करवा ले “मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3240 “सम्भोग करना जरुरी है ,चाहे तुम्हारी पत्नी राजी हो या नहीं .”मुस्लिम -किताब 3 हदीस 677 और 680 3 -छातियाँ मसलवाना(Breastpresing )

“अबू मूसा बिन अशरी ने कहा कि मैं अपनी पत्नी की छातियाँ दबाकर उसका दूध पीता हूँ .मुझे लगा कि यह हराम है .फिर अब्दुल्लाह बिन मसूद ने रसूल से पूछा तो रसूल ने कहा कि यह काम जायज है “मुवत्ता-किताब 30 हदीस 214 “याहया बिन मालिक ने कहा कि मैं अपनी पत्नी के स्तनों से दूध पीता हूँ ,क्या यह हराम है .तब अबू मूसने कहा कि इसे रसूल ने जायज कहा है .और मैं दो सालों से यही कर रहा हूँ “मलिक मुवत्ता -किताब 30 हदीस 215 4 -कुंवारी लड़कियाँ सेक्स के लिए उत्तम हैं “अल्लाह की नजर में कुंवारी और अक्षत योनी लड़कियाँ उत्तम होती है “बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 16 “कुँवारी लड़कियाँ सेक्स के लिए श्रेष्ठ होती हैं “बुखारी -जिल्द 38 हदीस 504 . “रसूल ने कहा कि ,कुंवारी कन्या के साथ सम्भोग करने में अधिक आनंद आता है “मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3459 . 5 -औरत की माहवारी में सम्भोग की विधि “आयशा नेकहा कि,

रसूल उस समय भी सम्भोग करते थे जब मैं माहवारी में होती थी “बुखारी -जिल्द 3 किताब 33 हदीस 247 “रसूल ने कहा कि ,तुम औरतों से मास्क के समय भी सम्भोग कर सकते हो “अबू दाऊद-किताब 1 हदीस 270 “मासिक के समय किसी भी औरत के साथ सम्भोग करना हलाल है “अबूदाऊद -किताब 1 हदीस 212 “अगर कोई गलती से पत्नी के आलावा किसी ऐसी स्त्री से सम्भोग करे ,जो मासिक से हो ,तो उसे प्रायश्चित के लिए आधा दीनार खैरात कर देना चाहिए” “अबू दाऊद -किताब 11 हदीस 2164 “और अगर अपनी पत्नी से उसकी मासिक के समय सम्भोग करे तो ,सदके के तौर पर एक दीनार दे देना चाहिए ” .अबू दाऊद -किताब 1 हदीस 264 और 302

“यदि स्त्री की योनी से मासिक स्राव अधिक बह रहा हो तो ,पहिले योनी से स्राव को साफ कर लें ,फिर तेल लगा कर सम्भोग करें .यही तरिका रसूल ने बताया है. “सही मुस्लिम -किताब 3 हदीस 647 . “आयशा ने कहा कि,जब भी मैं मासिक में होती थी रसूल मेरी योनी से स्राव साफ करके सम्भोग किया करते थे ” मुस्लिम -किताब 3 हदीस 658 6 -सम्भोग के बाद गुस्ल जरूरी नहीं “आयशा ने कहा कि रसूल सम्भोग के बाद बिना गुस्ल किये ही मेरे साथ उसी हालत में सो जाते थे” .

अबू दाऊद-किताब 1 हदीस 42 “आयशा ने बताया कि ,जब रसूल और मैं सम्भोग के बाद गंदे हो जाते थे ,तो रासुल्बिना पानी छुए ही मेरे पास सो जाते थे ..और उठकर नमाज के लिए चले जाते थे “.अबू दाऊद -किताब 1 हदीस 42 “आयशा ने कहा कि ,जब सम्भोग के बाद एअसुल गंदे हो जाते थे ,तो उसी हालत में सो जाते थे ,फिर बाद में उठ जाने पर बाजार या नमाज के लिए चले जाते थे .उनके पापड़ों पर वीर्य के दाग साफ दिखाई देते थे ,”अबू दाऊद -किताब 1 हदीस 228 “आयशा ने कहा कि ,जब सम्भोग के बाद रसूल के कपड़ों पर वीर्य सुख जाता था .और दाग पड़ जाता था तो मैं अपने नाखूनों से वीर्य के दागों को खुरच देती थी .रसूल वही कपडे पहिन कर नमाज के लिए चले जाते थे “अबू दाऊद -किताब 11 हदीस 2161 7 -वीर्य का स्वाद और रंग “अनस बिन मलिक कहा कि रसूल ने उम्म सलेम को बताया कि पुषों के वीर्य का रंग सफ़ेद होता है और गाढ़ा होता है .और बेस्वाद होता है .लेकिन स्त्री का वीर्य पतला ,पीला और तल्ख़ होता है “अबू दाऊद -किताब 3 हदीस 608 “उम्म सलेम ने कहा कि ,रसूल ने कहा कि स्त्रियों कि योनी से हमेशा एक स्राव निकलता रहता है .जिसका रंग पीला होता है .रसूल ने फिर कहा कि मुझे यह बात कहने कोई शर्म नहीं है कि , योनी के स्राव का स्वाद तल्ख़ और तीखा होता है “अबू दाऊद -किताब 3 हदीस 610 . 8 -माँ बेटी से एक साथ सम्भोग “याह्या बिन मलिक की रवायत है कि उबैदुल्ला इब्न उतवा इब्न मसूद ने कहा कि उमर बिन खत्ताब ने जिहाद में एक माँ और बेटी को पकड़ लिया .और रसूल से पूछा क्या हम इन से एक एक करके सम्भोग करें या अलग अलग ,रसूल ने कहा की तुम दौनों से एक ही समय सम्भोग कर सकते हो .इसकी अनुमति है .लेकिन मैं इसे नापसंद करता हूँ “मलिक मुवत्ता-किताब 28 हदीस 1433 9 -वेश्या गमन “रसूल ने कहा कि जिहाद के समय मुसलमान एक रात केलिए भी शादी कर सकते हैं “मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3253 10 -कुतिया आसन(Doggy style ) “जाबिर बिन अब्दुल्लाह ने रसूल से कहा कि एक यहूदी अपनी पत्नी की योनी में पीछे से लिंग प्रवेश करता है .क्या बुरी बात है .रसूल ने कहा की इसमे कोई हर्ज नहीं है .”मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3364 “अबू जुहरी ने कहा की रसूल ने कहा कि,तुम चाहे औरतों से आगे से सम्भोग करो चाहे पीछे से ,परन्तु लिंग योनी के अन्दर ही प्रवेश होना चाहिए .नहीं तो संतान भेंगी होती है “मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3365 11 -जंघा मैथुन (Thighing ) “आयशा ने कहा कि ,जिस समय मैं माहवारी में होती थी तबी रसूल आ गए और मुझ से अपनी जांघें खोलने को कहा ,फिर नबी ने अपने गाल मेरी जांघों पर रखे .मैंने उनके सर को जांघों में कास लिया .इस से रसूल को गर्मी मिली और वह उसी हालत में सोते रहे .शायद रसूल को सर्दी लग गयी थी “अबू दाऊद-किताब 1 हदीस 270 12 -औरतें केवल भोग की वस्तु हैं “औरतें केवल भोगने और मौजमस्ती और आमोद प्रमोद के लिए ही बनी हैं “अबू दाऊद -किताब 11 हदीस 2078 “यदि औरत की सम्भोग की इच्छा भी नहीं हो तब भी पति उस से जबरदस्ती सभोग करने का हकदार है .रसूल ने कहा कि अल्लाह ने औरतों पर मर्दों को फजीलत दे रखी है “अबू दाऊद – किताब 11 हदीस 2044 . “यदि स्त्री सम्भोग से इंकार करे तो पति उसे पीट कर जबरन सम्भोग कर सकता है “मिश्कात -किताब 6 हदीस 671 “अगर पत्नी गर्भवती भी हो ,तो पति उस से उस हालत में सम्भोग कर सकता है ,चाहे उसकी पत्नी सम्भोग करवाने के लिए कितना भी विरोध करे .पति उस से सम्भोग जरुर करे “अबू दाऊद -किताब 11 हदीस 2153 और 2166 . 13 -मुख मैथुन (Oral Sex ) “आयशा ने कहा कि,रसूल जब रोजे कि हालत में होते थे ,तब भी वह अपना मुंह मेरे मुंह से लगा कर मेरी जीभ को अपने मुंह में लेकर चूसते थे .और मेरा सारा थूक उनके मुंह में चला जाता था “अबू दाऊद-किताब 13 हदीस 2380 “आयशा ने कहा कि रसूल कहते थे कि ,हरेक हालत में आनंद लेना चाहिए .चाहे रोजे के दिन हों “अबू दाऊद किताब 12 हदीस 302 . “आयशा ने कहा कि रसूल कहते थे कि पुरुष और स्त्री के अंगों में एक प्रकार की शहद होती है ,जब तक स्त्री पुरुष का ,शहद नहीं चखती है ,वह हलाल नहीं मानी जा सकती है .और यही बात पुरुषों पर लागू होती है “सही मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3354 . यह इस्लामी कामसूत्र पढनेके बाद आप अच्छी तरह से समझ गए होंगे कि मुस्लिम ब्लोगर बात बात पर हरेक मुद्दे को सेक्स की ओर क्यों मोड़ देते हैं .और अश्लील शब्दों का क्यों प्रयोग करते हैं .इसमे इनका उतना कसूर नहीं है ,जितना इस कामसूत्र के रचयिता मुहम्मद का हैं .जैसा मुसलमानों के दिमागों में भरा हुआ है ,वैसा ही यह लोग बोलते हैं . इसमे दी गयी कई मूल हदीसें काफी बड़ी और कहानियों की तरह थीं .जगह की कमी के कारण उन्हें सारांश के रूप में दिया गया है .पूरी हदीसें दी गई साइटों में उपलब्ध है . ذالك الكتاب الجِنس هديً لِلمُسلمين यह “किताबुल जिन्स” रसूल के वचन हैं ,और मुसलमानों को राह दिखाते हैं ……

ये है इन हरामियो की असलियत… सॉरी…. पर ये बताना जरुरी न होता तो शेयर न करता….

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Apne Ganesh ji ki yah Durgati