इतिहास कुछ नहीं है, संघर्ष की कहानी
गाँधी, शिवा, भगत सिंह और झाँसी वाली रानी
कोई भी कायरो का इतिहास क्यों पढ़ेगा।
संग्राम ......................................
आओ लड़ें स्वयं के कलुषों से कल्मषों से,
भोगों से वासना से रोगो के राक्षसों से,
कुंदन वाही बनेगा जो आग में तपेगा।
संग्राम ......................................
घेरा समाज को है, कुंठा कुरीतियों ने,
व्यसनों ने रुढियो ने निर्मम अनीतियो ने,
इनकी चुनौतियों से, है कौन जो लडेगा।
संग्राम ......................................
चिंतन चरित्र में अब विकृति बढ़ी हुई है,
चाहूँ ओर कौरवो की सेना खाड़ी हुई है।
क्या पार्थ इन छड़ों भी व्योमोह में फंसेगा। ,
संग्राम ......................................

मशालें ले कर चलना कि जब तक रात वांकी है,
सभल कर हर कदम रखना कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
मिले मंसूर को सूली, जहर सुकरात के हिस्से,
रहेगा जुर्म सच कहना, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
पसीने की तो तुम छोड़ो, लहू मजदुर का यारों,
कि सस्ता पानी सा बहेगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
तेर मस्तक पे होगा हर पल विद्रोह का निशा,
नहीं ये जोश कम होगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
अंधेरों की अदालत में, है क्या फरियाद का फायदा,
तू कर संग्राम ये साथी, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................

Saturday, November 17, 2012

संकाओ का समाधान

आदरणीय डा0 रेवा नंदन द्विवेदी जी उर्फ़ मामा जी,

आपने हमसे चार प्रश्न एक सुझाव और एक टिपण्णी भेजी है जो निम्नवत है।
{
1.
Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "मित्रा जी , बताइए शुद्र कौन है ,?"
2. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "क्षत्रिय कौन है ?"

3. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "वैश्य कौन है ?"
4. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "ब्राहमण कौन है ?"

5. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "विषय बड़े गंभीर है अतः उत्तर भी समझ कर दीजियेगा"

6. Hi Kamlesh,
Reva Nandan Dwivedi commented on your status.
Reva wrote: "mitra ji , maine placement company to nahi kbhol rakhi hai , is samay pura world mandi me gujar raha hai ,jo yogy hai usko job jarur mil rahi hai"
}

मैं आपकी सभी संकाओ का समाधान करूँगा, आपके इन सरल से प्रश्नों का उत्तर भी बहुत सरल है, किन्तु इसे समझना बहुत कठिन है। ठीक उस परमात्मा की तरह इसे भी समझना काफी विवादित है। वर्ण व्यवस्था को समझने की भी दो पद्दतियाँ है, आपको किस पद्दति से समझाऊ इसको समझने के लिए मुझे आपसे एक प्रश्न का उत्तर पाना अति आवश्यक है जितनी जल्दी आप मेरे इस प्रश्न का उत्तर दें देगें उतनी ही जल्दी मैं आपकी संकाओ का समाधान कर सकूँगा। प्रश्न है :-

क्या सभी अनार्यो को आतातायी शासक राम ने मर डाला था ? शेष अनार्य (द्रविण /राक्षस) कहा गये ?

जो मित्र मुझसे असहमत हैं k.mittra@rediffmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं अथवा 09335122064 पर संपर्क करें।  ब्लोग्स में टिपण्णी कर सकते  "अनार्यो की खोज "(http://anaryokikhoj.blogspot.in/2012/11/0-1.html ) "आगे की यात्रा" (http://aagekiyatra.blogspot.in)  आचार्य रजनीश एक नवीन विचारधारा   (http://aacharyrajneesh.blogspot.in/2012/11/blog-post_12.html) हैं।   

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