इतिहास कुछ नहीं है, संघर्ष की कहानी
गाँधी, शिवा, भगत सिंह और झाँसी वाली रानी
कोई भी कायरो का इतिहास क्यों पढ़ेगा।
संग्राम ......................................
आओ लड़ें स्वयं के कलुषों से कल्मषों से,
भोगों से वासना से रोगो के राक्षसों से,
कुंदन वाही बनेगा जो आग में तपेगा।
संग्राम ......................................
घेरा समाज को है, कुंठा कुरीतियों ने,
व्यसनों ने रुढियो ने निर्मम अनीतियो ने,
इनकी चुनौतियों से, है कौन जो लडेगा।
संग्राम ......................................
चिंतन चरित्र में अब विकृति बढ़ी हुई है,
चाहूँ ओर कौरवो की सेना खाड़ी हुई है।
क्या पार्थ इन छड़ों भी व्योमोह में फंसेगा। ,
संग्राम ......................................

मशालें ले कर चलना कि जब तक रात वांकी है,
सभल कर हर कदम रखना कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
मिले मंसूर को सूली, जहर सुकरात के हिस्से,
रहेगा जुर्म सच कहना, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
पसीने की तो तुम छोड़ो, लहू मजदुर का यारों,
कि सस्ता पानी सा बहेगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
तेर मस्तक पे होगा हर पल विद्रोह का निशा,
नहीं ये जोश कम होगा, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................
अंधेरों की अदालत में, है क्या फरियाद का फायदा,
तू कर संग्राम ये साथी, कि जब तक रात वांकी है,
मशालें ले ...........................................

Tuesday, November 13, 2012

राम जेठमलानी

ram jethmalani
राम जेठमलानी के वक्तव्य पर उग्र हुआ हिन्दू समाज ने यह सिद्ध कर दिया है कि हिन्दू दो भागो में विभक्त है। आततायी राम समर्थक या उसके वंसज दूसरे राम विरोधी अनार्य लोग। जिस प्रकार हिन्दुस्तानी कह देने से जाति धर्म और वर्ग विभाजन नहीं मिटता उसी प्रकार हिन्दू कह देने से आर्य और अनार्य के वीच अनादि कल से चला आ रहा शीत युद्ध समाप्त नहीं होता। ब्राह्मण व्यवस्था के अंतर्गत जिन लोगो के नाम के साथ राम लागा है वह सव शुद्र है। शुद्र कभी भी तथाकथित हिन्दू नही रहे है। और न कभी उनको हिन्दू समझा गया है। 

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