एक मित्र ने लिखा (
छाता जग पनही नहीं, और न बांधहि पागा॥ आशुतोष की कलम से...शांति नहीं क्रांति)
आशुतोष जी यह ज्ञात इतिहास है जो आपने लिखा, वो कितने दुष्ट रहे होगें जिन्होंने इतिहास तक नहीं लिखने दिया। 600 इसवी में सम्राट हर्ष के समय भारत बौद्ध राष्ट्र था, सरे बौद्धों को बेरहमी से मार डाला गया तथा शूद्र बनाया गया। उनका इतिहास तक मिटा दिया गया। वो कितने जालिम रहे होगे कभी सोचा। भारत में पैदा हुआ बौद्ध धर्म भारत से मिट गया। मिटने वाले क्या कोई बाहर के थे?
जो मित्र मुझसे असहमत हैं k.mittra@rediffmail.com पर ई-मेल कर सकते हैं अथवा 09335122064 पर संपर्क करें। ब्लोग्स में टिपण्णी कर सकते "अनार्यो की खोज "(http://anaryokikhoj.blogspot.in/2012/11/0-1.html ) "आगे की यात्रा" (http://aagekiyatra.blogspot.in) आचार्य रजनीश एक नवीन विचारधारा (http://aacharyrajneesh.blogspot.in/2012/11/blog-post_12.html) हैं।


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